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बीरेंद्र सिंह ने दिए हरियाणा की कांग्रेस राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत बोले, बाद में यात्रा में शामिल होकर कहेंगे, मैं बीमार था

बीरेंद्र सिंह ने दिए हरियाणा की कांग्रेस राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत बोले, बाद में यात्रा में शामिल होकर कहेंगे, मैं बीमार था

Satyakhabarindia

पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा कांग्रेस के दिग्गज नेता बीरेंद्र सिंह हरियाणा की कांग्रेस की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। बीरेंद्र सिंह ने कहा है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस के प्रधान राव नरेंद्र लोगों के बीच आएंगे। वे बृजेंद्र सिंह की यात्रा में भी शामिल होंगे। कई नेता नहीं आए फिर आएंगे आगे तो कहेंगे मैं बीमार हो गया था। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि, मुझसे महेंद्रगढ़ में पत्रकारों ने पूछा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा क्यों नहीं आया, नया प्रधान बना है राव नरेंद्र सिंह वो भी नहीं आया। एक-दो नाम और बोले। मैंने कहा कि अभी मेरा चालू हुआ है महीना सवा महीना हुआ है। मैंने कहा- बालक होते हुए भी नौ-नौ महीने लग जाते हैं और जब हो जाए तब सारे थालियां बजाते हैं। तो ये सब थाली बजाएंगे। आएंगे आपके बीच में भी आएंगे।

बीरेंद्र सिंह का हुड्डा व राव नरेंद्र वाला बयान तब आया है जब हरियाणा में अगले महीने राहुल गांधी के आने की चर्चाएं चल रही हैं। राहुल के हरियाणा के आने से पहले बृजेंद्र सिंह अपनी कई किमी की यात्रा का अनुभव शेयर कर सकते हैं और उनके सामने इस यात्रा में बड़े नेताओं के शामिल न होने की बात भी वह रख सकते हैं।

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बीरेंद्र को सैलजा का समर्थन

बृजेंद्र सिंह की यात्रा में शैलजा गुट से सभी नेता शामिल हो चुके हैं, मगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट का कोई नेता शामिल नहीं हुआ। हिसार के सांसद जयप्रकाश जो हुड्डा के करीबी हैं वो एक भी दिन यात्रा में शामिल नहीं हुए और बल्कि उन्होंने बृजेंद्र सिंह को लेकर बयानबाजी भी की थी।

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चौधरी बीरेंद्र सिंह ने नारनौल में हाल ही में बयान दिया था कि पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा से दूर रहने वाले कांग्रेसियों को 6-7 महीने में पता लग जाएगा कि हमारे अंदर दम है या नहीं। बीरेंद्र सिंह ने कहा था कि बेटे बृजेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से बात कर यात्रा शुरू की है। बीरेंद्र के साथी इस यात्रा में चल रहे हैं, लेकिन बहुत से साथियों में यह भ्रम है कि इस यात्रा में जाएं या न जाएं। यह उन पर निर्भर करता है। जो जाना चाहते हैं, वह मिले। जो नहीं जाना चाहते वह छह-सात माह इंतजार कर लें। उन्हें भी पता लग जाएगा।

एक सप्ताह पहले बीरेंद्र सिंह ने बयान दिया था कि हम वो पार्टी छोड़कर कांग्रेस में आए थे जो सत्ता में थी और हो सकता है आने वाले समय में भी वो ही पार्टी सत्ता में रहे। कांग्रेस छोड़ने की परिस्थिति पहले बनी थी, मगर आज भी मेरा यह मानना है कि कांग्रेस की विचारधारा एक स्वस्थ प्रजातंत्र दे सकती है।

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राजनीति के जानकार बीरेंद्र सिंह के इस बयान को कांग्रेस की राजनीति में बदलाव का संकेत मानते हैं। पूर्व IAS अधिकारी एवं हिसार के सांसद रहे बृजेंद्र सिंह ने 5 अक्टूबर को जींद के उचाना हलके से यात्रा शुरू की थी, जो 6 चरणों में सभी 90 हलकों में जाएगी। बता दें कि हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी हावी है और इसके कारण कांग्रेस को कहीं न कहीं नुकसान भी हो रहा है। कांग्रेस हाईकमान भी इसे मानता है और इसे दूर करने के कई बार प्रयास कर चुका है। मगर हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हाईकमान चाह के भी अनदेखा नहीं कर पा रहा है। 4 अक्टूबर को भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। वहीं राव नरेंद्र को प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया, मगर वह भी हुड्डा गुट के साथ ही ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। बीरेंद्र सिंह कांग्रेस के दूसरे गुट कुमारी सैलजा के साथ दिखाई देते हैं। यही कारण रहा कि बृजेंद्र सिंह की यात्रा में हुड्डा गुट से कोई नेता शामिल नहीं रहा। यहां तक की राव नरेंद्र सिंह ने इसे बृजेंद्र सिंह का निजी कार्यक्रम बताया था।

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